पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के तांत्रिक से मिलने पर चुटकी लेते हुए कहा है कि तंत्र-मंत्र से लोकतंत्र नहीं चलता है. पीएम मोदी ने आज बिहार में चार जगहों पर रैली की है. 
 
पीएम मोदी ने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस महास्वार्थबंधन में तीन नहीं चार खिलाड़ी हैं. एक लालू, दूसरे नीतीश, तीसरी मैडम सोनिया जी और चौथा है तांत्रिक. उन्होंने कहा,’मैं नीतीश कुमार और लालू यादव से पूछना चाहता हूं कि परम आदरणीय लोकतांत्रिक नीतीश बाबू, परम आदरणीय हिंदुस्तान के सबसे बड़े तांत्रिक होने का दावा करने वाले लालू जी बिहार की जनता आपसे पूछना चाहती है कि बिहार के नौजवानों को बाहरी किसने बनाया है.’
 
पटना रैली में पीएम मोदी बोले, बिहार के लिए मेरे पास छह सूत्री कार्यक्रम 
 
बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम ने पटना रैली के दौरान ऐलान किया कि पांच साल में बीजेपी की सरकार बिहार की किस्मत बदल देगी. बिहार के लिए मेरे पास छह सूत्री कार्यक्रम हैं. मैंने पीएम बनने के बाद भूटान और नेपाल की यात्रा की और पानी से बिजली बनाने का करार किया. उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा दंभ, दमन और दगा ही जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के इस महास्वार्थबंधन की पहचान है. मैं कभी-कभी सोचता हूं कि अगर बाबा साहेब आंबेडकर न होते, तो नरेंद्र मोदी कहां होता. लालू जी, नीतीश जी और कांग्रेस से कई विषयों पर मतभेद हैं, लेकिन इस देश के किसी भी दल से आरक्षण पर हमारा कोई भी मतभेद नहीं है.
 
 
नालंदा रैली में बोले पीएम, नीतीश ने गिराया शिक्षा का स्तर
 
नालंदा रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकार को कभी नहीं छीनेगी. पीएम ने कहा,’ गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी और राजस्थान में हमारी सरकार रही है लेकिन कभी आरक्षण पर सवाल खड़े नहीं किए गए. नालंदा ज्ञान की नगरी थी लेकिन यहां शिक्षा का स्तर गिर गया है. मेरे पीएम बनने से नीतीश जी को बहुत दिक्कत है, उनको लगता है कि एक चाय बेचने वाला, एक गरीब का बच्चा कैसे पीएम बन गया. बिहार में लोग किसी को हराने के लिए वोट नहीं करेंगे बल्कि बिहार के विकास के लिए वोट करेंगे.’