पटना. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेड़ी) अध्यक्ष लालू प्रसाद का राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो जाएगा. आठ नवंबर को जब विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे, उस दिन नीतीश राजभवन जाकर इस्तीफा दे रहे होंगे. शाह हाजीपुर और मुजफ्फरपुर में अलग-अलग चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने बिहार में एनडीए की सरकार बनाने का मन बना लिया है, क्योंकि लोग फिर से राज्य में ‘जंगलराज’ नहीं आना देना चाहते.
 
पलायन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक विकसित राज्य में बिहारी युवा का पसीना बहा रहा है, फिर भी विकास के पायदान पर बिहार नीचे है. ऐसे में अगर एक बार एनडीए की सरकार बन जाए तो बिहार विकास के रास्ते पर आ जाएगा.
 
लालू और नीतीश पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि बिहार में शिक्षा की स्थिति चौपट है, जिस कारण यहां के मेधावी छात्रों को पढ़ाई के लिए राज्य के बाहर जाना पड़ता है.
 
हरियाणा के फरीदाबाद में दलित परिवार के दो मासूमों को जिंदा जला दिए जाने की घटना का जिक्र करने के बजाय उन्होंने कहा कि दबंगों द्वारा शोषितों और दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है.
 
उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों और मजदूरों की स्थिति दयनीय है, नीतीश सरकार को इनकी चिंता नहीं है. 
 
जेडी (यू), आरजेड़ी और कांग्रेस के महागठबंधन को ‘विनाश का गठबंधन’ बताते हुए शाह ने कहा कि बीजेपी ने अतिपिछड़े को प्रधानमंत्री बनाया, वहीं लालू प्रसाद ने दलितों और अतिपिछड़ों का शोषण किया.