पटना. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि भाजपा का आरक्षण को लेकर विचार बिल्कुल साफ है और पार्टी वर्तमान आरक्षण नीति में कोई बदलाव नहीं चाहती है. शाह ने कहा है कि पार्टी, आरक्षण में छेड़छाड़ की विरोधी है और वर्तमान आरक्षण में किसी भी बदलाव का समर्थन नहीं करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरक्षण को खत्म करने की बात कभी नहीं की.
आपको बता दें कि भागवत ने संघ के मुखपत्र पांचजन्य और ऑर्गेनाइजर में दिए इंटरव्यू में कहा था कि आरक्षण नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है और आरक्षण का राजनीतिक उपयोग किया गया है. हालांकि इसके बाद भागवत ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने ऐसा कभी नहीं कहा. 
 
बिहार में एनडीए का अच्छा प्रदर्शन
अमित शाह ने बिहार चुनाव के पहले और दूसरे चरण के मतदान में एनडीए को 54 से 58 सीट मिलने का दावा करते हुए अगले तीन चरणों में भी एनडीए के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है.
 
लेखकों द्वारा लौटाए जा रहे सम्मानों के विषय में पूछे जाने पर शाह ने जवाब में कहा कि लेखकों का विरोध कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार है, जबकि जबकि कर्नाटक में कन्नड़ लेखक कलबुर्गी की हत्या कांग्रेस के शासनकाल में हुई. शाह ने कहा कि विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और लेखकों का विरोध कांग्रेस और सपा सरकार को लेकर है. 
 
पीएम की चुनावी रैली में कटौती नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली में कटौती की बात को नकारते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री की रैली में कोई फेरबदल नहीं किया गया है. शाह ने राजद, जद (यू) और कांग्रेस के महागठबंधन को स्वार्थबंधन और सत्ता के लिए गठबंधन करार देते हुए कहा कि वैसे तो महागठबंधन की सरकार बनने की उम्मीद नहीं है. फिर भी, यदि सरकार बन जाती है तो यह तय है कि सरकार को लालू प्रसाद ही चलाएंगे.
 
एनडीए के मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा के विषय में उन्होंने कहा कि चुनाव के परिणाम एनडीए के पक्ष में आने के बाद विधायक दल और संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी.
 
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए 12 अक्टूबर से पांच नवंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होना है. पहले और दूसरे चरण में 81 सीटों पर मतदान हो चुका है. सभी सीटों के लिए मतगणना आठ नवंबर को होगी.
 
IANS