पटना. बिहार चुनाव के दूसरे चरण से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने तीसरा मोर्चा से नाता तोड़ लिया. अब वह अकेले ही बिहार चुनाव में उतरेगी. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद तारिक अनवर ने बताया कि भभुआ की जनसभा में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव द्वारा भाजपा की तारीफ किए जाने के बाद पार्टी ने तीसरा मोर्चा से नाता तोड़ने का फैसला लिया.

तारिक अनवर ने कहा कि तीसरा मोर्चा एक धर्मनिरपेक्ष मोर्चा था, जिसमें सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी थी. सपा मुखिया ने ही भाजपा के पक्ष में लहर चलने की बात कह अपरोक्ष रुप से भाजपा के चुनाव में जीत को समर्थन दिया है.

तीसरा मोर्चा से हटने के बाद अब एनसीपी बिहार चुनाव में 45 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. इस गठबंधन में एनसीपी के साथ एसपी, पप्पू यादव की पार्टी जनअधिकार मोर्चा, देवेंद्र यादव की समाजवादी जनता पार्टी, नागमणि की समरस समाजवादी पार्टी और पी ए संगमा की नेशनल पीपल्स पार्टी शामिल हैं.