किशनगंज. बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र जनता की नब्ज़ टटोलने के लिए इंडिया न्यूज़ अपने खास कार्यक्रम ‘बिहार पर्व’ के तहत किशनगंज पहुंचा है. किशनगंज चाय बागान और अनानास की खेती के लिए मशहूर अल्पसंख्यक बहुल जिला है.

किशनगंज बिहार का एक मात्र अल्पसंख्यक बहुल जिला है. यहां 62 फीसदी मुस्लिम आबादी है. ये बिहार का सबसे पूर्वी जिला है. रोजगार की कमी से नौजवान लगातार पलायन को मजबूर हैं. जनता शिक्षा, बिजली और सड़क की बदतर हालत से अलग परेशान है.

किशनगंज में विधानसभा की चार सीटें हैं. 2010 के चुनाव में दो सीटें कांग्रेस, एक एलजेपी और एक जेडीयू के खाते में गई थीं. कांग्रेस ने बहादुरगंज और किशनगंज, एलजेपी ने ठाकुपगंज और जेडीयू ने कोचाधामन जीती थी.

किशनगंज में इस बार असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम ने भी उम्मीदवार उतारने की घोषणा की हैं. ऐसे में इस जिले में एनडीए, महागठबंधन और एमआईएम के बीच दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल सकती है.