नई दिल्ली. बिहार चुनाव में इस बार एनडीए को बड़ी जीत हासिल होगी. लोकनीति-सीएसडीएस द्वारा सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में कराए गए सर्वे में यह सामने आया है कि बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों को महागठबंधन के मुकाबले चार फीसदी की बढ़त मिल रही है.
 
इंडियन एक्सप्रेस के लिए किए गए इस सर्वे के मुताबिक बिहार चुनाव 2015 में एनडीए को 42 फीसदी जबकि महागठबंधन को 38 फीसदी वोट मिलेंगे.
 
सर्वे के मुताबिक समाजवादी पार्टी और पप्पू यादव की देख-रेख में गठित तीसरा मोर्चा कोई प्रभाव नहीं छोड़ सका है. यहां तक कि लेफ्ट और बसपा भी इस चुनाव में पिट जाएगी.
 
 
वहीं असद्दुदीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम पिछले कुछ चुनावी कैंपेन के बूते कुछ मुस्लिम वोट बटोरने में जरूर कामयाब रहेगी. सर्वे की मानें तो एनडीए को सवर्ण, लोअर ओबीसी और दलित वर्ग जिसमें पासवान समुदाय प्रमुख है, के कुछ मत हासिल हो रहे हैं. वहीं महागठबंधन को यादव, कुर्मी-कोरी और मुस्लिमों का सहयोग मिला है.
 
इस सर्वे में जहां सोशल डिवाइड देखने को मिल रहा है वहीं वोटिंग में क्षेत्रीय पैटर्न भी उभरा है. एनडीए को शहरी क्षेत्रों में जबर्दस्त बढ़त मिली है जबकि ग्रामीण इलाकों में यही स्थिति बदल जाती है और महागठबंधन मजबूत स्थिति में है.
 
सीएम के लिए नीतीश कुमार होंगे पहली पसंद
लोकनीति-सीएसडीएस के इस सर्वे में एनडीए को जरुर बढ़त मिली है लेकिन मुख्यमंत्री के रुप में नीतीश कुमार ही लोगों की पहली पसंद बने हुए है. सर्वे में नीतीश के पक्ष में सबसे ज्यादा वोट पड़े हालांकि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के साथ जाने का असर नीतीश की छवि पर पड़ा है.