पटना. एनडीए कुनबे के अंदर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान के बीच सुलह-शांति के बदले झगड़ा बढ़ता ही जा रहा है. मांझी ने कहा है कि अगर रामविलास पासवान की पार्टी ने जमुई जिले की चकाई और जमुई सीट पर अपने प्रत्याशी उतारे तो उनकी पार्टी लोजपा को गठबंधन में मिली 40 की 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार देगी.
 
मांझी की पार्टी के नेता नरेंद्र सिंह अपने बेटों को जमुई और चकाई सीट से लड़ाना चाहते हैं. नरेंद्र सिंह के बेटे अक्षय प्रताप और सुमित सिंह जमुई और चकाई के सिटिंग विधायक हैं. पहले नरेंद्र सिंह और इनके बेटे रामविलास पासवान की ही पार्टी में थे लेकिन बाद में जेडीयू में चले गए और अब मांझी के साथ हैं. 
सीएम की रेस में नहीं लेकिन ऑफर मिले तो तैयार हैं मांझी
 
लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान इस वजह से नरेंद्र सिंह से कुछ ज्यादा खफा हैं. दूसरी बात ये है कि पासवान के बेटे चिराग पासवान जमुई से लोकसभा पहुंचे हैं. पासवान चिराग की संसदीय सीट में ज्यादा से ज्यादा अपना कैंडिडेट देना चाहते हैं जबकि मांझी ने अपनी पार्टी हिन्दुस्तान अवामी मोर्चा के नेता नरेंद्र सिंह के लिए जमुई और चकाई को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है.
 
इस बीच मांझी ने गठबंधन के अंदर सीएम उम्मीदवार को लेकर चल रही रस्साकशी में यह बोलकर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि अगर गठबंधन के नेता उनसे सीएम पद संभालने कहेंगे तो वो रेस में नहीं होने के बावजूद सीएम बनने को तैयार हैं. मांझी ने साथ ही जोड़ा कि गठबंधन में दर्जन भर नेता हैं जो सीएम बन सकते हैं.