पटना. बिहार में बीजेपी अधिकांश मौजूदा विधायकों को फिर से चुनाव मैदान में उतारने के साथ लगभग आधा दर्जन मुसलमानों को भी उम्मीदवार बनाएगी. पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची आज जारी की जाएगी, जिसमें पहले और दूसरे चरण के अधिकांश उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी. चुनाव अभियान में पार्टी विकास के मुद्दे पर सकारात्मक अभियान चलने के साथ बीते 25 माह में बीजेपी से अलग होने के बाद जदयू के नेतृत्व वाली सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाएगी.
 
बीजेपी ने टिकटों पर चर्चा पूरी कर ली है
बीजेपी अध्यक्ष ने पार्टी के उम्मीदवारों को लेकर प्रदेश के कोर ग्रुप के साथ मंत्रणा का काम पूरा कर लिया है. मंगलवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी, जिसके बाद पहली सूची जारी की जाएगी. लालू और नीतीश की रणनीति की काट के लिए बीजेपी की सूची में सामाजिक समीकरणों पर खासा जोर दिया जाएगा. बड़ी संख्या में यादव उम्मीदवारों के साथ कई मुस्लिम चेहरे भी चुनाव मैदान में होंगे. सांसद असद्दुद्दीन औवेसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के चुनाव मैदान में उतरने से बीजेपी को लाभ मिल सकता है. हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई भी कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है.
 
मांझी को 20 सीटें देकर मनाया
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार को आखिर एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया. इसके तहत भाजपा 160 सीटों पर और जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा रामविलास पासवान की लोजपा को 40 और उपेंद्र कुशवाह की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को 23 सीटें दी गई हैं.
 
शाह बोले-सभी मतभेद दूर कर लिए गए हैं
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सीट बंटवारे की घोषणा के बाद कहा, ‘गठबंधन के दलों विशेष तौर पर मांझी से सभी मतभेदों को दूर कर लिया गया है. शाह ने पासवान व मांझी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘कोई विवाद नहीं है. कोई तनाव नहीं है. आप सभी के मुस्कराते चेहरे देख रहे हैं.’ शाह ने यह भी कहा कि मांझी की पार्टी के कुछ नेता बीजेपी के चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे. सूत्रों की मानें तो ऐसी पांच सीटें हो सकती हैं.