पटना. बिहार चुनावों से ऐन पहले NDA में सीट बंटवारे को लेकर उठापटक जारी है. बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने पहले ही सपष्ट कर दिया है कि उन्हें रामविलास पासवान की एलजेपी से एक भी सीट कम मंज़ूर नहीं है. दूसरी तरफ आज मांझी ने पत्रकारों से कहा कि उनके और बीजेपी के बीच कोई नाराजगी नहीं है बस सीट बंटवारे का फार्मूला तैयार किया जा रहा है. 
 
अमित शाह का मैसूर दौरा रद्द
इस बीच बीजेपी अध्यक्ष का मैसूर दौरा रद्द हो गया है. वह रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मैसूर जाने वाले थे. समझा जाता है कि अमित शाह भी जीतन राम मांझी से मुलाकात कर सकते हैं. हालांकि, दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई है.
 
सीट बंटवारे पर मांझी का अड़ंगा
आपको बता दें कि जीतन राम मांझी ने सीट बंटवारे पर पेच फंसाया हुआ है. मांझी और अधि‍क सीटों की मांग कर रहे हैं, जबकि सूत्रों के हवाले से खबर है कि बीजेपी उन्हें 15 से अधि‍क सीट देने को राजी नहीं है. मांझी पासवान को मिठाई खिलाने से नाराज बताए जा रहे हैं. बीते दो-तीन दिनों से जारी बैठकों का सिल‍सिला रविवार को भी जारी रहने वाला है. मांझी रविवार को अनंत कुमार, धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव से बैठक करने वाले हैं. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मांझी थोड़े नाराज हैं, लेकिन उनको मना लेंगे.
 
सीटों का फॉर्मूला और बीजेपी
अभी तक सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, बीजेपी 243 बिहार विधानसभा सीटों में से 162 सीटों पर खुद लड़ना चाहती है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि प्रदेश में जमीनी सियासी हकीकत बदली है और पीएम की रैली का इसमें अहम योगदान है. ऐसे में पार्टी को इसका लाभ उठाना चाहिए. वरिष्ठ नेताओं का अनुमान है कि पार्टी 122 सीटें अपने दम पर जीत सकती है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘समीकरण बदले हैं. बीजेपी को अगड़ी जातियों और व्यवसायिक समूहों का समर्थन हासिल है. लेकिन अब पिछड़ी जातियों का साथ भी पार्टी को मिलने लगा है. नरेंद्र मोदी हमारे स्टार कैंपेनर हैं और उनकी कम से कम 10 और रैलियां आयोजित होनी चाहिए.’
 
सीटों का जोड़-घटाव
समझा जाता है कि बीजेपी ने मांझी के पांच विधायकों को ‘कमल’ के साथ चुनाव में उतारने का भी प्रस्ताव रखा है. पार्टी खुद 162 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि राम विलास पासवान की एलजेपी के हिस्से 41 सीटें आई हैं. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 25 सीटों पर मना लिया गया है, लेकिन मांझी 15 सीटों से संतुष्ट नहीं हैं. हालांकि, इससे पहले बीजेपी ने सहयोगी दलों को यह संकेत भी दिया था कि वह 170 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाकी 73 सीटों को ही सहयागियों में बांटा जाएगा.