पटना. बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही विधायक बनने की चाह रखने वाले कार्यकर्ता अपने नेताओं के द्वार-द्वार परिक्रमा कर रहे हैं.
 
राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के आवासों में टिकट पाने की उम्मीद में कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हो गया है. टिकटार्थियों के कारण बायोडाटा बनाने वालों को जहां फ़ुर्सत नहीं मिल रही है. वे बायोडाटा रंगीन और सादा बना रहे हैं. बायोडाटा में पहला पेज सबसे अधिक आकर्षक बनवाया गया है, जिसमें तस्वीर भी खूब खुबसूरत  छपवाई जा रही है. अंदर के पेज पर लंबे-चौड़े राजनीतिक व सामाजिक कार्यो का विवरण गिनाया गया है.
 
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो इन कार्यकर्ताओं से मिल भी रहे हैं और उनका बायोडाटा ले रहे हैं. भाजपा, कांग्रेस और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सहित अन्य राजनीतिक दल के कार्यालयों में भी हुजूम उमड़ गया है.
 
भाजपा कार्यालय में भी यही हाल है. भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय और सुशील कुमार मोदी के आवास पर पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर भी गुरुवार को दिनभर टिकट चाहने वालों की भीड़ लगी रही. मुख्यमंत्री भी टिकट की आस में आए लोगों से मिलते रहे.
 
वहीं  राजधानी पटना के होटल भी कार्यकर्ताओं से भरा पड़ा है. यहाँ के लगभग सभी होटल भरे हुए हैं. डाक बंगला चौराहा स्थित विशाल होटल के प्रबंधक आशीष कहते हैं कि होटल में अग्रिम बुकिंग बंद है. होटलों की बहुतायत वाले इलाके फ्रेजर रोड में टिकटार्थी नेताओं की भीड़ देखी जा रही है. यहां के होटलों में 300 से 3,000 रुपये तक के कमरे उपलब्ध हैं. टिकट के दावेदार ज्यादातर नेता अपने-अपने समर्थकों के साथ पटना पहुंचे हैं.
 
एक होटल प्रबंधक का कहना है कि होटलों में अग्रिम बुकिंग बंद है. यदि लोग आते हैं और कमरा खाली होता है तो उन्हें मिल जाता है. चुनावी सीजन में प्रत्येक होटल वाला फायदा कमाना चाहता है. रोहतास जिले के एक राजद कार्यकर्ता पिछले चार दिनों से राजद कार्यालय और लालू आवास की परिक्रमा कर रहे हैं. इन्हें आशा है कि उन्हें टिकट मिल जाएगा. अब देखना है कि कौन कितनी परिक्रमा लगा कर सफलता हासिल करने में कामयाब होता है?