पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने विधानसभा और पुरानी पार्टी जेडीयू से इस्तीफा दे दिया है. पटना में मंगलवार को पार्टी की बैठक में मांझी को औपचारिक तौर पर हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा का अध्यक्ष चुन लिया गया है.

पटना में मांझी की पार्टी हम के राष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मंगलवार को हुई बैठक में बिहार समेत 20 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में जेडीयू के कई बागी नेता नजर आए. बैठक में बिहार चुनाव और एनडीए में सीट बंटवारे पर भी चर्चा हुई.

पार्टी की राष्ट्रीय प्रतिनिधि बैठक से पहले मांझी ने सुबह में विधानसभा जाकर सदन की सदस्यता से इस्तीफा का पत्र विधानसभा के सचिव हरेराम मुखिया को सौंपा.

सीट बंटवारे पर एनडीए में चल रही है उठा-पटक

मांझी की पार्टी को चुनाव आयोग ने चुनाव चिह्न के तौर पर टेलीफोन आवंटित किया है. माना जा रहा है कि मांझी की पार्टी बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. मांझी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लगातार मंच साझा कर रहे हैं.

वैसे सीट बंटवारे को लेकर अभी एनडीए में उठा-पटक चल रही है. राज्य में पार्टी के घटक दल रामविलास पासवान की एलजेपी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा ने बीजेपी से 102 सीटों पर लड़ने और बाकी सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ने कहा है.

पासवान-कुशवाहा चाहते हैं बीजेपी लड़ें मात्र 102 सीटें

रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि बीजेपी जब नीतीश कुमार के साथ थी तब 102 सीटों पर लड़ती थी और उसे उतनी ही सीटें इस बार भी लड़नी चाहिए. कुशवाहा ने अपनी पार्टी के लिए 67 और रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी के लिए 74 सीटें मांगी है.

कुशवाहा के बंटवारे के फॉर्मूले में मांझी की पार्टी के लिए कोई सीट ही नहीं बचती. वैसे कुशवाहा ने ये भी कहा है कि चूंकि मांझी की पार्टी गठबंधन में आ रही है तो कुछ सीटें उन्हें दी जा सकती हैं.