पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए 125 करोड़ के विशेष पैकेज की घोषणा की है जिससे सड़क से लेकर बिजली तक और पर्यटन से लेकर पेट्रोलियम सेक्टर तक के काम होंगे.

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक ट्विट करके 125 लाख करोड़ के पैकेज से होने वाले काम का खाका पेश किया है. गिरिराज सिंह ने ट्विट में नीतीश कुमार को टैग करके लिखा है कि एनडीए बिहार का चेहरा बदलकर रख देगा.

पैकेज में सबसे ज्यादा 54,713 करोड़ सड़क, पुल और रेलवे ओवरब्रिज पर खर्च करने की योजना है. 2775 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को फॉर लेन बनाने और चौड़ा करना इस योजना में शामिल है. इसी पैसे से गंगा, कोसी और सोन पर पुल बनेंगे और 12 रेलवे ओवरब्रिज भी.

बरौनी रिफाइनरी का विस्तारीकरण, पेट्रोकेमिकल प्लांट भी

दूसरे नंबर पर पेट्रोलियम सेक्टर है जिसके लिए 21476 करोड़ की योजना है. इस पैसे से बरौनी रिफाइनरी का विस्तार, नया पेट्रोकेमिकल प्लांट, गैस पाइपलाइन, नए एलपीजी प्लांट, रक्सौल से नेपाल तक डीजल-पेट्रोल पाइपलाइन बनाने की योजना है.

16130 करोड़ बिजली के लिए रखा गया है जिससे बक्सर में 1300 मेगावाट के पावर प्लांट के अलावा कई शहरों और गावों के विद्युतीकरण की तैयारी है. 13820 करोड़ रुपए गांवों की सडकों को बनाने के लिए तय हुआ है जिससे 22500 किलोमीटर ग्रामीण सडकों का उद्धार होगा.

पूसा कृषि विश्वविद्यालय को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा 

बिहार के विशेष पैकेज में रेलवे की 8870 करोड़ की योजनाएं भी शामिल हैं. इस पैसे से 676 किलोमीटर रेल लाइन का दोहरीकरण और तिहरीकरण होगा. 574 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण भी इस योजना में शामिल है.

किसानों के लिए 3094 करोड़ रुपए रखे गए हैं जिससे पूसा कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाया जाएगा, नए रिसर्च सेंटर खोले जाएंगे, मत्स्यपालन केंद्र, बीज उत्पादन केंद्र के साथ-साथ अनाज के लिए नए गोदाम बनाए जाएंगे.

गया, रक्सौल और पूर्णिया के एयरपोर्ट का विकास

2700 रुपए एयरपोर्ट के लिए रखे गए हैं जिससे पटना में नया एयरपोर्ट बनाया जाएगा. इस पैसे से गया, रक्सौल और पूर्णिया के एयरपोर्ट को ठीक किया जाएगा. 1000 करोड़ के खर्च से भागलपुर में सेंट्रल यूनिवर्सिटी और गया में आईआईएम खुलेगा.

1550 करोड़ रुपया स्किल विकास पर खर्च होगा जिससे मेगा स्किल यूनिवर्सिटी खोला जाएगा जहां 1 लाख युवकों को स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी. 600 करोड़ से पटना, भागलपुर और गया मेडिकल कॉलेज का उद्धार किया जाएगा. 7 पर्यटन केंद्रों के विकास पर भी 600 करोड़ खर्च करने की योजना है.

449 करोड़ रुपए बिहार को डिजिटल बनाने के लिए रखा गया है. इस पैसे से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, कॉल सेंटर, 1000 नए मोबाइल टावर, 30 पर्यटन केंद्रों पर वाईफाई हॉटस्पॉट खोले जाएंगे.