पटना. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी की मुजफ्फरपुर की रैली के बाद जवाबी हमले में बीजेपी को भारतीय जुमला पार्टी करार देते हुए सवाल किया कि मोदी जी विधानसभा चुनाव में भी सेवा का मौका मांग रहे हैं तो क्या वो बिहार के सीएम का एडिशनल चार्ज लेकर बिहार चलाएंगे.

नीतिश ने कहा कि बिहार की जनता ने तो 2014 के लोकसभा चुनाव में ही मोदी जी को सेवा का मौका दे दिया तो वो दोबारा सेवा का मौका क्यों मांग रहे हैं. नीतीश ने सवाल किया कि क्या मोदी जी बिहार चलाएंगे.

उन्होंने कहा कि पहले के वादे जुमले साबित हो चुके हैं तो अब नए वादों पर कौन यकीन करेगा. नीतीश ने कहा कि बिहार की जनता दो तिहाई बहुमत तो देगी लेकिन वो उनके नेतृत्व में सरकार बनाने का जनादेश देगी.

ट्विटर पर बात की लेकिन ट्विटर पर मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया

नीतीश ने कहा कि मुजफ्फरपुर की रैली में मोदी जी ने ट्विटर की बात की लेकिन ट्विटर पर पूछे गए मेरे 7 सवालों में एक का जवाब नहीं दिया. उन्होंने बिजली के मामले में मोदी पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए बीजेपी को चुनौती दी कि विधानसभा का चुनाव बिजली के मुद्दे पर ही लड़कर देख लें तो सच-झूठ का पता चल जाएगा. नीतीश ने कहा कि मोदी जी ने संसद सत्र का बहाना बनाकर बिहार को आज कुछ भी नहीं दिया.

जॉर्ज फर्नांडीस के साथ राजनीतिक बदसलूकी के मोदी के आरोप पर नीतीश ने कहा कि मोदी जी ये बताएं कि उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और यशवंत सिन्हा जैसे वरिष्ठ नेताओं का क्या हाल कर रखा है. नीतीश ने कहा कि अगर आडवाणी नहीं होते तो बीजेपी के जो नेता सरकार में हैं वो कहां होते उन्हें सोचना चाहिए.

प्रधानमंत्री को जातीय बयानबाजी शोभा नहीं देती

नीतीश ने कहा कि प्रधानमंत्री पद पर बैठा आदमी यदुवंशी की बात करे और जातीय बयान दे यह शोभा नहीं देता. नीतीश ने सफाई दी कि नरेंद्र मोदी की वजह से बीजेपी नेताओं को दिया गया भोज कैंसिल कराने के पीछे बीजेपी के ही लोग थे.

नीतीश ने कहा कि मोदी जी ने मेरे डी.एन.ए. पर सवाल उठाया है जो बिहार का अपमान है. मोदी जी से पहले नितिन गडकरी जी ने भी कहा था बिहार के डी.एन.ए. में राजनीति है. हमारा कहना है बिहारी का DNA होता है, एक बिहारी सब पर भारी. नीतीश ने कहा कि बीजेपी की जमीन खिसक गई है इसलिए इसके नेता हताशा में है ऐसे बयान दे रहे हैं.