नई दिल्ली/पटना. लगता है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समय ठीक नहीं चल रहा. विधान परिषद चुनाव में हार के बाद अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है. पार्टी के 4 बागी नेताओं की विधानसभा सदस्यता सुप्रीम कोर्ट ने बहाल कर दी है जिनकी विधायकी क्रॉस वोटिंग के आरोप में स्पीकर ने छीन ली थी.

सुप्रीम कोर्ट ने आज पटना हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले पर रोक लगा दिया. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, रवींद्र राय, राहुल कुमार और नीरज बबलू के विधानसभा के मॉनसून सत्र की बैठक में शामिल होने का रास्ता भी साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट में जेडीयू की ओर से वरिष्ठ वकील व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद समेत पांच वकील मौजूद थे.

लंबी कानूनी लड़ाई है चारों विधायकों ने

जेडीयू ने पिछले साल राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के आरोप में इन चार विधायकों की सदस्यता समाप्त करने का आवेदन स्पीकर उदय नारायण चौधरी को दिया था. लंबी सुनवाई के बाद स्पीकर ने पिछले साल नवंबर महीने में चारों की विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी थी.

चारो विधायक स्पीकर के फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट चले गए थे जहां इस साल जनवरी महीने में सिंगल बेंच ने चारों की सदस्यता बहाल कर दी थी. फिर जेडीयू ने इस फैसले के खिलाफ अपील किया तो अप्रैल महीने में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने स्पीकर के फैसले को बहाल कर दिया. इस फैसले के खिलाफ चारो विधायक सुप्रीम कोर्ट चले गए थे जहां मंगलवार को ये फैसला आया है.