नई दिल्ली. कहते है कण में भगवान का वास होता है. वास्तु को भी हमारे धर्मग्रंथों में भगवान का दर्जा मिला है और हमारे पुराणों में वास्तु की पूरी कहानी भी है. इस कहानी से पता चलता है कि वास्तव में वास्तु विज्ञान है या नही. 
 
इंडिया न्यूज के खास शो ‘भारत पर्व’ में आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा बताते हैं कि वास्तु अनुरूप भवन में रहने से कई लाभ है. वास्तु देवता एक भूखण्ड पर निर्मित भवन का अधिष्ठाता होता है. वास्तु शास्त्र के प्राचीन ग्रन्थों में वास्तु पुरुष की उत्पत्ति के सन्दर्भ में कईं कथाएं प्रचलित हैं. 
 
हमारे ऋषि-मुनियों ने अनेक ऐसे वृक्षों को घर में लगाने की सलाह दी है, जिनसे वास्तुदोष का निवारण हो सकता है. साथ ही पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मददगार हैं. वास्तुशास्त्र के ग्रंथों में अनेक ऐसे वृक्षों का उल्लेख किया गया है, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ दोष निवारण में भी सहायक है.  
 
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