नई दिल्ली. इंडिया न्यूज़ के विशेष शो ‘भारत पर्व’ में आज अध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा ने बताया कि रुद्राक्ष ही एक फल है जो अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष प्रदान करने में प्रभावित माना जाता है. शिवपुराण, पद्मपुराण, रुद्राक्षकल्प, रुद्राक्ष महात्म्य आदि विशेष ग्रंथों में रुद्राक्ष की अपार महिमा है.

हालांकि, किसी भी प्रकार का रुद्राक्ष हो वह लाभदाई ही होता है, परन्तु उनमे भी मुख के आधार पर विशेष प्रकार के रुद्राक्षों का भी महत्व भी बताया गया है, हर एक रुद्राक्ष के ऊपर धारियां का आकर बना होता है, यही धारियां रुद्राक्ष का मुख होती है. इन धारियों की संख्या 1 से लेकर 21 तक हो सकती है, इन्हीं धारियों के आधार पर ही इनको बता गया है और इन्हे 1 से 21 मुखी रुद्राक्ष कहा जाता है, यानी रुद्राक्ष में जितनी धारियां होंगी, वह उतना ही मुखी रुद्राक्ष कहलाता है. धार्मिक मान्यता के आधार पर जिस घर में रुद्राक्ष की नियमित पूजा होती है वहां अन्न, वस्त्र, धन-धान्य आदि प्रकार से परिपूर्ण होता है, ऐसे घर में हमेशा लक्ष्मी जी का वास होता है.

माना गया है कि रुद्राक्ष को धारण करने वाला और इसकी पूजा करने वाला अंत काल में शरीर को त्यागकर शिवलोक में स्थान को प्राप्त करता है. पौराणिक कथाओं में वर्णन किया गया है कि सती के देह त्याग पर शिव जी को बहुत दुःख हुआ और उनके आंसू अनेकों स्थानों पर गिरने के कारण रुद्राक्ष उत्पन्न हुआ है, इसलिए रुद्राक्ष धारण करने वाले के सभी कष्ट भगवान हर लेते हैं. साथ ही साथ ज्योतिषीय दृष्टि से रुद्राक्ष धारण करने के अनेको बड़े फायदे बताए हैं, ज्योतिष शास्त्रो के अनुसार मनुष्य के बीमार होने का बड़ा कारण ग्रहों की प्रतिकूलता होती है. रुद्राक्ष धारण करने से ग्रहों की प्रतिकूलता को दूर किया जा सकता है. चाहे व्यक्ति शनि की प्रकोप से पीड़ित हो या शनि ने चन्द्रमा को पीड़ित करके आपके जीवन में कष्ट भर दिया हो रुद्राक्ष हर हाल में आपके लिए बेहद मददगार और फायदेमंद है. 

गौरतलब है की कालसर्प के कारण जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तब भी रुद्राक्ष धारण करने से अनुकूल फल की प्राप्ति होती है, अगर आप किसी शुभ दिन पर गंगा स्नान करना चाहते हैं, और यदि आप गंगा तट पर नहीं पहुंच पाते हैं तो आप रुद्राक्ष को सिर पर रखकर भगवान शिव का ध्यान कर सकते है जिससे आपको गंगा स्नान का फल प्राप्त हो जाएगा. रुद्राक्ष के अनेक फायदे है, इसके वैज्ञानिक परीक्षण से प्रमाणित होता है कि यह रक्तचाप को संतुलित बनाये रखने में महत्वपूर्ण है, यानी बल्ड प्रेशर से संबंधी समस्या वालो के लिए रुद्राक्ष धारण करना बहुत ही फायदेमंद होता है. रुद्राक्ष बौद्घिक क्षमता और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने में भी कारगर माना जाता है. आज के समय में अकसर लोग तनाव और चिंता में डूबे रहते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियों से लोग पीड़ित हो जाते हैं, रुद्राक्ष धारण करने से चिंता और तनाव से संबंधी परेशानियां में कमी आती है, उत्साह और उर्जा में वृद्घि होती है. रुद्राक्ष किडनी के लिए भी लाभदायक होता है. इसके साथ ही साथ महुमेह और दिल से सम्बंधित विकारो में रुद्राक्ष धारण करना फायदेमंद होता है.