जब राधा-कृष्ण, सीता-राम, शिव-पार्वती की पूजा होती है तो दीपावली पर लक्ष्मी जी के साथ विष्णु की पूजा न होकर गणेश जी की पूजा क्यों होती है. इसके पीछे एक पुरानी कथा है.

एक किवदंती है, जिसके अनुसार एक संन्यासी ने मां लक्ष्मी की कठिन तपस्या की जिससे मां लक्ष्मी ने प्रसन्न होकर उसे शाही सुख का आशीर्वाद दिया. लेकिन जब अपनी शक्ति पर घमंड करके जब संन्यासी ने भगवान गणेश का अपमान किया तभी संन्यासी के साथ घटी घटना के बाद लक्ष्मी गणेश की पूजा होती है.

वीडियो में देखिए पूरी घटना