नई दिल्ली. किसी भी प्रकार की पूजा-पाठ में हम नारियल और तिल का अक्सर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आखिर दोनों सामग्रियों का इस्तेमाल पूजा में क्यों होता है? आज हम आपको बताएंगे.
 
नारियल को संस्कृत में श्रीफल कहा जाता है और श्री का अर्थ लक्ष्मी है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लक्ष्मी के बिना कोई भी शुभ काम पूर्ण नहीं होता है. इसीलिए शुभकार्यों में नारियल का इस्तेमाल अवश्य होता है.
 
वहीं शास्त्रों के अनुसार तिल देवताओं का अन्न है. काला तिल भगवान विष्णु को प्रिय है. बिना तिल का किया गया श्राद्ध पितरों को प्राप्त नहीं होता है. नारियल व तिल के और महत्व बताएंगे अध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा इंडिया न्यूज के शो भारत पर्व में
 
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