नई दिल्ली. प्रकृति, पुरुष के स्वरुप के साथ ईश्वर के अस्तित्व को मिलाकर मनुष्य जीवन की आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक उन्नति के लिये दर्शन का एक बड़ा व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक रुप योगदर्शन में प्रस्तुत किया गया है. इसका प्रारम्भ पतञ्जलि मुनि के योगसूत्रों से होता है. योगसूत्रों की सर्वोत्तम व्याख्या व्यास मुनि द्वारा लिखित व्यासभाष्य में प्राप्त होती है.
 
योगदर्शन से इंसान की याददाश्त भी बढ़ती है. मनुष्य अपने मन (चित) की वृत्तियों पर नियन्त्रण रखकर जीवन में सफल हो सकता है और अपने अन्तिम लक्ष्य निर्वाण को प्राप्त कर सकता है. योगदर्शन के फायदे बताएंगे आपको अध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा इंडिया न्यूज़ के खास कार्यक्रम भारत पर्व में.