नई दिल्ली. रावण रामायण का एक केंद्रीय प्रतिचरित्र है. रावण लंका का राजा था. वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था, जिसके कारण उसका नाम दशानन (दश = दस + आनन = मुख) भी था. किसी भी कृति के लिये नायक के साथ ही सशक्त खलनायक का होना अति आवश्यक है.
 
रामकथा में रावण ऐसा पात्र है, जो राम के उज्ज्वल चरित्र को उभारने काम करता है. रावण की और भी कहानियों को बताएंगे अध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा इंडिया न्यूज शो भारत पर्व में.
 
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