नई दिल्ली. सपना का एक संसार होता है जहां कभी-कभी हमारा अचेत मन हमें लेकर चला जाता है. सपनों के संसार की भाषा सांकेतिक होती है. इसलिए प्राचीन काल में राजे-महाराजे अपने दरबार में पंडित और स्वप्न विशेषज्ञों को रखते थे जो सपनों के सांकेतिक भाषा का अर्थ बताते थे. कुछ सपने ऐसे होते हैं जिसे देखकर मन डर जाता है, कुछ सपने अनहोनी होने से पहले हमें संकेत देते है. हर सपना का अपना अलग-अगल अर्थ होता है.
 
‘इंडिय़ा न्यूज‘ के खास शो भारत पर्व में आध्यात्मिक ‘गुरू पवन सिन्हा’ बताते हैं कि आपका स्वप्न क्या कहता है, इसका बार-बार दिखने का क्या अर्थ होता है.
 
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