नई दिल्ली. रियो ओलंपिक में इतिहास रचने वाली साक्षी मलिक 12 साल की उम्र से ही कुश्ती की ट्रेनिंग ले रही हैं. यह बात खुद साक्षी ने कही है. इंडिया न्यूज़ को दिए अपने एक इंटरव्यू में साक्षी ने अपने बारे में बहुत सी बातों का खुलासा किया.
 
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साक्षी ने बताया कि उन्हें बहुत सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है. उन्होंने बताया कि वह 12 साल की उम्र से सुबह-शाम रेसलिंग की प्रैक्टिस कर रही है. उन्होंने कहा, ‘बहुत सारी चीजों का त्याग करना पड़ता है. बहुत मेहनत लगती है, वजन कम करना पड़ता है, डाइट का ध्यान रखना पड़ता है. ट्रेनिंग होने के बाद कहीं घूम नहीं सकते. आराम करना होता है.’
 
23 साल की साक्षी ने रियो ओलंपिक में भारत को पहला मेडल दिलाया था. उन्होंने 58 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. मेडल जीतने के साथ ही साक्षी कुश्ती में मेडल लाने वाली भी पहली महिला पहलवान भी बन गईं.
 
मेडल जीतने के बाद साक्षी को कई राज्यों की सरकारों के साथ रेलवे ने भी इनाम दिया. रेलवे ने साक्षी को 60 रुपये दिए. दिल्ली सरकार ने 1 करोड़, जेएसडब्लू ने 15 लाख तो वहीं हरियाणा सरकार ने 2.50 करोड़ रुपये इनाम के तौर पर दिए. साक्षी को खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.
 
इंडिया न्यूज़ के खास कार्यक्रम बेटियां में देखिए साक्षी की तपस्या की कहानी साक्षी की जुबानी.