नई दिल्ली. 7 साल पहले 26 नवंबर को मुंबई में जैसा हुआ था, वैसा ही आतंकी हमला 13 नवंबर की रात फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुआ. मुंबई की तरह पेरिस में भी हथियारबंद आत्मघाती आतंकवादियों ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूम-घूम कर गोलियां बरसाईं.

मुंबई की तरह पेरिस में भी आतंकवादियों ने लोगों को बंधक बनाकर मारा. मुंबई की तरह पेरिस में भी 6 जगहों पर कत्लेआम हुआ और मुंबई की तरह पेरिस में भी 160 से ज्यादा लोग आतंक के शिकार हुए.

अमेरिका से लेकर फ्रांस तक के सिक्योरिटी एक्सपर्ट मान रहे हैं कि पेरिस में 13/11 को मुंबई का 26/11 ही रिपीट हुआ है. मुंबई पर आतंकी हमले के मास्टर माइंड खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पेरिस पर आतंकी हमले के जिम्मेदार इस्लामिक स्टेट का खात्मा करने की कसमें खाई जा रही हैं.

अब ये सवाल एक बार फिर बीच बहस में है कि क्या पेरिस के आतंकी हमले के बाद दुनिया की सोच बदलेगी..? क्या भारत की ये बात समझ में आएगी कि जब आतंकी हमलों में समानता है तो फिर आतंक से निपटने में भेदभाव क्यों ?

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