नई दिल्ली. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर केजरीवाल सरकार और केंद्र एक बार फिर आमने सामने हो गए हैं. एलजी नजीब जंग ने ये कहकर स्वाति मालीवाल की नियुक्ति रद्द कर दी कि इस बारे में उनसे परामर्श नहीं किया गया. दूसरी ओर केजरीवाल सरकार की दलील है कि ये नियुक्ति एलजी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है. 

इससे पहले भी कई और नियुक्तियों को लेकर केजरीवाल और एलजी के बीच विवाद होता रहा है. मामला हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है. एक तरफ दिल्ली वाले अपनी रोजमर्रा की समस्याओँ से जूझ रहे हैं. वहीं दिल्ली के आका वर्चस्व की लड़ाई में व्यस्त हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि केंद्र और केजरीवाल के बीच अधिकारों की ये जंग आखिर कहां तक जाएगी ? इससे भी बड़ा सवाल ये है कि इस डर्टी पॉलिटिक्स में फंसे दिल्ली वालों का क्या होगा ?