नई दिल्ली. व्यापम घोटाले का खूनी पंजा दिन ब दिन और खतरनाक होता जा रहा है. एक के बाद एक व्यापम से जुड़े लोग मौत के हवाले होते जा रहे हैं. 24 घंटों के भीतर एक टीवी पत्रकार और एक कॉलेज के डीन भी इस मामले में अपनी जान गंवा चुके हैं. बावजूद इसके अभी तक इस घोटाले से जुड़ी बड़ी मछलियों के नाम सामने नहीं आए हैं.

विपक्ष चाहता है कि सीबीआई इस मामले की तहकीकात करे. जबकि शिवराज सरकार की दलील है कि वो किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार है. आज की बीच बहस में सवाल है कि आखिर कब सामने आएगा व्यापम घोटाले का व्यापक सच?