नई दिल्ली. स्वस्थ मां स्वस्थ संतान और तुरंत भुगतान इसी मकसद के साथ केंद्र सरकार ने 2005 में जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत की थी लेकिन एनआरएचएम घोटाले की तरह इस योजना में भी यूपी में घोटाले की बू आ गई है. बहराइच बदायूं समेत कई जिले ऐसे हैं, जहां औरतों को फर्जी तरीके से गर्भवती दिखाया गया और हर मामले में सरकार से मिलने वाला 1400 का चेक डकार लिया गया. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है. जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं. लेकिन अखिलेश सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गई है.

सवाल पूछे जा रहे हैं कि अखिलेश सरकार की नाक के नीचे ये गोलमाल कैसे चलता रहा ? आज बीच बहस में सवाल यही है कि यूपी सरकार ने एनआरएचएम घोटाले से आखिर कोई सबक क्यों नहीं लिया? आखिर यूपी के कितने जिलों में चल रहा है जननी सुरक्षा योजना में फर्जीवाडे का खेल ?