नई दिल्ली. किसी बड़े घोटाले में अगर आरोपियों की एक के बाद एक रहस्यमय मौत होने लगे, तो बात अपने आप गंभीर हो जाती है. मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले में यही हो रहा है. मध्यप्रदेश के इस सबसे बड़े घोटाले में राज्यपाल के बेटे से लेकर कई बड़े अफसर तक आरोपी हैं. पिछले 3 साल की जांच में आरोपियों की लिस्ट 2230 तक पहुंच गई है और इस दौरान 42 आरोपियों की रहस्यमय मौत हो चुकी है. 

दो आरोपियों की मौत पिछले 24 घंटे के दौरान हुई. इनमें एक आरोपी जेल में था और दूसरा जमानत पर. कांग्रेस व्यापमं के आरोपियों की मौत की सीबीआई जांच की मांग कर रही है और मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि आरोपियों की मौत नैचुरल है. अब ये सवाल बीच बहस में है कि आखिर व्यापमं के 42 आरोपियों की रहस्यमय मौत का सच क्या है ?