नई दिल्ली. शायद आपको यह बात पता न हो लेकिन कट्टर हिंदुत्ववादी संगठन हिंदू महासभा उन मुसलमानों के खिलाफ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ चला रही है जो उसके अनुसार देश से गद्दारी कर रहे हैं. महासभा के इस आंदोलन में सबसे बड़ा निशाना यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खान हैं. हिंदू महासभा यह सब ऐसे समय में कर रही है जब प्रदेश सांप्रदायिक दंगों की सिलसिलेवार घटनाओं से अभी तक उभरा भी नहीं है. केंद्र और राज्य सरकार की चुप्पी से तो यही ज़ाहिर है कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति में फ़िलहाल दोनों को ही फायदा नज़र आ रहा है. 

आपको बता दें कि सिर्फ आज़म खा ही नहीं इसके अलावा, एमआईएम पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी भी महासभा के निशाने पर हैं. महासभा के कार्यवाहक अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने कहा, “जो मुसलमान देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं, उन्हें भारत छोड़ना होगा.”

अखिलेश यादव को लिखा लेटर
तिवारी के मुताबिक, “30 अप्रैल को आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है. हमने यूपी के सीएम अखिलेश यादव को पत्र लिखकर कहा है कि आजम खान, औवेसी और बुखारी के चलते हिंदू विरोधी माहौल बन रहा है.” तिवारी के मुताबिक, उन्होंने अखिलेश को लिखे अपने पत्र में कहा है कि भारत में रहने के असली हकदार हिंदू ही हैं और देश का ‌विभाजन धर्म के आधार पर ही हुआ था. तिवारी ने यादव से मांग की है कि वे आजम खान को तुरंत कैबिनेट से हटाएं. तिवारी ने औवेसी और बुखारी को देशद्रोही करार दिया है.