नई दिल्ली. आजादी के 68 बरस बाद भी ये सवाल विचलित कर रहा है कि क्या इस देश में मुसलमानों की उपेक्षा आज भी होती है ? हाल ही में मुंबई में जीशान खान नाम के युवक को इसलिए डायमंड कंपनी ने नौकरी नहीं दी क्योंकि वो मुसलमान है. अब मुंबई में ही पेशे से मॉडल एक और मुस्लिम युवती मिस्बाह कादरी ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें इसलिए किराये के घर से बाहर निकाला गया क्योंकि वो मुसलमान हैं. अब बीच बहस का ये बड़ा सवाल है कि क्या वाकई मुंबई में मुस्लिमों के लिए घर और नौकरी नहीं है ? अगर ऐसा नहीं है तो फिर मुंबई की इमेज कौन खराब कर रहा है और क्यों ?