नई दिल्ली. भारतीय रेलवे चाहे कितने ही दावे कर ले लेकिन आपको मौके पर तत्काल टिकट शायद ही कभी मिल पाती हो. अभी तक अगर आप इसके लिए अपनी किस्मत को दोष देते रहे हों, तो दोष आपकी किस्मत का नहीं बल्कि कुछ शातिर दिमागों का है जिन्होंने रेलवे की वेबसाइट में ऐसी सेंध मारी है कि खुद रेलवे को भी इसका पता नहीं चल पाया.
 
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दरअसल इंटरनेट पर तत्काल टिकट बुकिंग का समय शुरू होने पर ही आपका लॉग इन मान्य होता है. अगर आपने पहले से लॉग इन हैं, तो ये मान्य नहीं होगा. इसी तरह लॉग इन होने के बाद आपको ट्रेन सलेक्ट करके सारे यात्रियों की डिटेल जानकारी देनी होती है. पहले से भरा हुआ फॉर्म मान्य नहीं होता, और ही इसका कोई और तरीका है. बस इसी का तोड़ निकालकर कुछ लोगों ने रेलवे और आम यात्री को जमकर चूना लगाया है. इन दलालों के पास मुंबई पुलिस ने जो सॉफटवेयर बरामद किया है, वो ऐसे ही काम करता है.
 
इसके जरिए पहले से भरा हुआ फॉर्म तैयार रहता है और लॉग इन करते ही सिर्फ एक क्लिक के जरिए ये इस डमी फॉर्म की सारी जानकारी IRCTC के फॉर्म पर ट्रांसफर हो जाती है.
 
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मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो आपके हिस्से के तत्काल टिकटों को बड़ी सफाई से छीन ले जाता है, और इसका ना आपको पता चलता है, ना रेलवे को. इनके पास से कुछ खास सॉफ्टवेयर मिले हैं. ऐसा ही सॉफ्टवेयर खरीदने वाले एक एजेंट को जब पुलिस ने दबोचा तो इस गोरखधंधे का खुलासा हो गया.
 
इंडिया न्यूज के खास शो ‘बीच बहस में‘ इसी अहम मुद्दे पर पेश है चर्चा. 

 

(वीडियो में देखें पूरा शो)