नई दिल्ली. पिछले एक हफ्ते से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीए और एमए की डिग्री को अपना सबसे बड़ा एजेंडा बना रखा है. केजरीवाल ने 6 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके प्रधानमंत्री की बीए की डिग्री पर सवाल उठाया. उनका दावा था कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड में मोदी जी की बीए की डिग्री नहीं मिल रही है. ।7 मई को केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर भी यही आरोप दोहराया.
 
 केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने इस पर प्रोपेगैंडा शुरू किया, तो आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली मीडिया के सामने आए. अमित शाह और जेटली ने डिग्रियां दिखाकर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 1978 में डीयू से ग्रेजुएशन किया था और एबीवीपी के दफ्तर में रहकर परीक्षा दी थी.
 
बीजेपी ने केजरीवाल पर मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप भी लगाया. लेकिन, बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के फौरन बाद आम आदमी पार्टी ने फिर से हल्ला बोल दिया. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने दावा किया कि बीजेपी ने जो डिग्रियां और मार्कशीट दिखाई है, उसमें नाम में फर्क है.
 
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