नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में हुई एक मुठभेड़ पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे सब-इंस्पेक्टर अली अख्तर की गोली लगने से मौत हो गई. आरोप लग रहे हैं कि अली अख्तर को दादरी के ही सब-इंस्पेक्टर होम सिंह यादव ने गोली मारी.
 
बता दें कि ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके में एक मुठभेड़ हुई. जिसमें एक मकान में शातिर बदमाश जावेद और उसके साथी छिपे थे. इस बीच दारोगा अख्तर अली के नेतृत्व में पुलिस ने इस मकान पर धावा बोला. लेकिन फायरिंग में दारोगा को गोली लग गई, घंटों तड़पने के बाद उनकी मौत हो गई. आरोप ये भी हैं कि दारोगा को गोली लगने के बाद साथी पुलिस उन्हें छोड़कर भाग गए.
 
अब सवाल उठ रहे हैं कि अगर एनकाउंटर था तो अख्तर अली को गर्दन के पीछे गोली कैसे लगी? मकान का दरवाजा दूसरे पुलिसवाले ने खुलवाया था, तो अख्तर को गोली कैसे लगी? गोली लगने के बाद अख्तर अली को 2 घंटे तक तड़पता क्यों छोड़ा गया?
 
पुलिस टीम ने भाग रहे बदमाशों को पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की? आरोपी इंस्पेक्टर होम सिंह यादव के साथ अख्तर अली की क्या रंजिश थी?
इंडिया न्यूज के खास शो ‘बीच बहस में’ इन्हीं सवालों पर पेश है चर्चा.
 
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