नई दिल्ली. भारत माता की जय इस नारे पर भी कभी विवाद हो सकता है ये किसी ने नहीं सोचा था. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भारत माता की जय बोलने के लिए मौजूदा पीढ़ी को नसीहत दी और इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने एलान किया कि वो भारत माता की जय नहीं बोलेंगे, चाहे गर्दन पर छुरी ही क्यों ना रख दी जाए.
 
ओवैसी बोले और विवाद शुरू हो गया इसमें जो कसर बची है, उसे पहले दारूल उलूम देवबंद के फतवे ने पूरा किया और अब बाबा रामदेव कह रहे हैं कि कानून से हाथ नहीं बंधे होते तो लाखों की गर्दन काट देते.
 
सवाल उठ रहे हैं कि कि क्या भारत माता की जय ना बोलना राष्ट्रद्रोह है? देशभक्ति पर बाबा रामदेव इतने जज्बाती क्यों हो गए.
इंडिया न्यूज के खास शो बीच बहस में इन्ही अहम सवालों पर देखिए पेश है चर्चा.
 
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