नई दिल्ली. प्रचंड बहुमत के साथ नरेंद्र मोदी की सरकार पिछले एक साल से सत्ता में है और अगले चार साल तक इस सरकार का खूंटा भी हिलने वाला नहीं. ऐसे में बीजेपी से उम्मीद बढ़ी है, कि मोदी सरकार सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर संसद से कानून बनवाकर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करेगी. लेकिन इन उम्मीदों पर अब खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ही पानी फेर दिया है. उन्होंने संसद में कहा कि राज्यसभा में पूर्ण बहुमत नहीं होने के नाते बीजेपी इस मुद्दे पर लाचार है, जबकि बीजेपी 1989 से लगातार नारा लगाती रही है कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे.

ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या बीजेपी अपना ये नारा भूल गई या फिर 2014 के घोषणा पत्र में राम मंदिर निर्माण का वादा भी महज चुनावी जुमला था ? सवाल यह भी है कि जब जीएसटी और जमीन बिल को राज्यसभा में पूर्ण बहुमत ना होने के बावजूद मोदी सरकार हर हाल में संसद से पास कराने पर अड़ी है, तो फिर राम मंदिर पर कानून क्यों नहीं ला सकती ?