नई दिल्ली. शनिदेव के सबसे जागृत मंदिर में कल महासंग्राम छिड़ने का आसार हैं. महाराष्ट्र के अहमदनगर में मौजूद शनि मंदिर में 400 सालों से महिलाओं को तेल चढ़ाने की इजाजत नहीं हैं लेकिन महिलाओँ ने इस परंपरा के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है.
 
कल यानि 26 जनवरी को हजारों की तादाद में महिलाएं शनि शिंगणापुर पहुंचकर अपने हक की आवाज बुलंद करेंगी. इन महिलाओं ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि वो मंदिर में शनिदेव को तेल अर्पित करेंगी. दूसरी तरफ मंदिर प्रशासन, अहमद नगर पुलिस-प्रशासन और कुछ धार्मिक संगठन भी महिलाओं की इस तैयारी के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं.
 
सवाल उठता है कि किसी की धार्मिक आस्था पर पाबंदी लगाने वाली ऐसी परंपरा का क्या मतलब है ? क्या वक्त के साथ ऐसी परंपराएं खारिज नहीं कर देनी चाहिए ?
 
इंडिया न्यूज के खास शो ‘बीच बहस में’ इसी मुद्दे पर आज होगी चर्चा.
 
 
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