नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के 14 ठिकानों पर आज सीबीआई ने छापा मारा. 13 ठिकानों पर क्या हुआ,  क्या नहीं, इससे शायद ही किसी को कोई लेना-देना हो. लेकिन चौदहवें ठिकाने पर पड़े छापे ने जैसे भूचाल ला दिया.

ये चौदहवां ठिकाना था दिल्ली सरकार का सचिवालय, और उस पर भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दफ्तर का हिस्सा. केजरीवाल सरकार और आम आदमी पार्टी ने सीबीआई के इस छापे को अपनी इज्जत के खिलाफ मान लिया और बिना देर किए केंद्र सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी.  और तो और प्रधानमंत्री के खिलाफ कई अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया.

दरअसल राजेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के मामले 2002 से लेकर अब तक के हैं. सीबीआई ने इन्हीं मामलों पर कार्रवाई की है.

सवाल उठता है कि एक भ्रष्ट अफसर के खिलाफ कार्रवाई को, केजरीवाल अपने खिलाफ क्यों मान रहे हैं ? सवाल ये भी है कि एक भ्रष्ट अधिकारी एक नहीं बल्कि दो-दो बार केजरीवाल का सबसे करीबी कैसे बन गया ?