नई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार से मुलाकात के बाद मोदी सरकार ने देश से वादा किया है कि वह अगले साल नेताजी के जन्मदिन (23 जनवरी) पर उनसे जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करना शुरू कर देगी.
 
इससे उन सवालों से पर्दा उठ सकता है कि कि चंद्र बोस की जापान में विमान हादसे में हुई थी. यह इसे बेवजह फैलाया गया? नेताजी को लेकर इन्हीं सवालों पर इंडिया न्यूज के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत ने नेताजी के परिवारवालों से मुलाकात की.
 
मुलाकात के दौरान नेताजी से जुड़े पहलुओं के बारे में पोते चंद्र बसु ने कहा, ‘गांधीजी ने सुभाष चंद्र बोस को लेकर कहा था कि उनका इनर वॉयस बोल रहा है कि उनकी मृत्यु नहीं हुई. लेकिन अब हमें पता चला कि ये इनर वॉयस नहीं था बल्कि उन्होंने कोई तथ्य देखा था जिससे उन्हें पता चला था कि वह जिंदा थे.’
 
सरकार की तरफ से जितने भी दावे नेताजी को लेकर किए गए सभी गलत थे. सुभाष चंद्र बोस के पोते अभिजीत ने कहा,’शरत चंद्र बोस ने नेशन में एक सम्मेलन में कहा कि नेताजी को लेकर 1956 में जो तीन सदस्यीय कमिटी बनीं उनमें शहनवाज और एस एन मैत्रा ने मौत की बात स्वीकार की थी लेकिन सुरेश चंद्र बोस इस बात से सहमत नहीं थे.’
 
आपको बता दें कि नेताजी के परिजन लंबे समय से नेताजी की गुमशुदगी से पर्दा उठाने की मांग कर रहे हैं. पिछले दिनों पश्चिम बंगाल सरकार ने 50 से अधिक फाईलों को सार्वजनिक किया था.
 
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