नई दिल्ली. नेपाल ने दशकों बाद नया संविधान अपनाया है. नए संविधान की घोषणा होते ही नेपाल के तराई क्षेत्रों और भारत-नेपाल सीमा के इलाकों में रहने वाले मधेसी समुदाय ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. पूरे नेपाल में कोहराम मचा हुआ है. मधेसी समुदाय की पुलिस के साथ झपड़ों में करीब 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल भी हुए हैं.
 
 
मधेसी समुदाय का आरोप है कि संविधान में उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया गया है और उनको अधिकार प्रदान नहीं किए गए हैं. नए संविधान में मधेसी समुदाय के लिए कोई भी प्रान्त नहीं बनाया गया है. पहाड़ी इलाकों में सात से आठ हजार आबादी पर एक सांसद है, जबकि मधेसी समुदाय में 70 से 80 हजार जनसंख्या पर एक सांसद है. आबादी मुताबिक़, संसद में मधेसी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं है. 
 
यह मामला भारत के लिए न सिर्फ चिंता की बात है बल्कि बड़ी चुनौती भी है. आज अर्ध सत्य में नेपाल के मधेसियों के बाद इनको लेकर हमारे मुल्क में उतनी हलचल दिखती नहीं है जितनी दिखनी चाहिए.  आज अर्ध सत्य में देखिए नेपाल का पूरा सच इंडिया न्यूज़ के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत के साथ..
 
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