हैदराबाद. हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दलित छात्र रोहित वेमुला की सुसाइड ने हैदराबाद से लेकर दिल्ली तक की राजनीति को हिला कर रख दिया है. रोहित की सुसाइड के पीछे कई वजह मानी जा रही हैं और देशभर में इसको लेकर राजनीति शुरु हो गई है.
 
रोहित के सुसाइड में केंद्रीय मंत्री बंडारु दत्तात्रेय और यूनिवर्सिटी के कुलपति पी अप्पा राव का नाम सामने आ रहा है. जबकि रोहित
के सुसाइड नोट में किसी का भी नाम नहीं था जिसे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिखाया. 
क्या है मामला ?
 
हैदराबाद सेंट्रल यूनवर्सिटी में खुदकुशी करने वाला छात्र रोहित उन 5 दलित छात्रों में से एक है, जिन्हें उनके हॉस्टल से सस्पेंड किया गया था. रोहित गुंटूर ज़िले का रहने वाला था और सोशियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था.वह अंबेडकर स्टूडेंट यूनियन से जुड़ा हुआ था.
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन 5 छात्रों का प्रवेश यूनिवर्सिटी के हर सार्वजनिक स्थल पर प्रतिबंधित कर दिया गया था क्योंकि रोहित और उसके दोस्तों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक सदस्य से  मारपीट की थी और मामले ने तूल पकड़ लिया था.
 
अब रोहित की सुसाइड को देश में अलग-अलग तरह से पेश किया जा रहा है. ऐसे में इस सुसाइड के पीछे क्या-क्या वजह रहीं यह जानना जरुरी हो गया है. इंडिया न्यूज के खास शो ‘अर्ध सत्य’ में मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत से जानिए क्या है रोहित मामले के पीछे का सच.
 
 
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