नई दिल्ली. पानी की किल्लत सिर्फ राजधानी दिल्ली में ही नहीं है बल्कि पूरे देश में यह एक बड़ी समस्या बन गई है. अगर इसके लिए हमने अभी से कोई उपाय नहीं किए तो भविष्य में हमें पानी नसीब नहीं होगी. एक अध्ययन के मुताबिक भारत में पानी की मांग सभी मौजूदा स्रोतों से होने वाली आपूर्ति के मुकाबले काफी ज्यादा होने वाली है.

देश में सिंचाई का लगभग 70 फीसद और घरेलू खपत का 80 फीसद हिस्सा भू-जल से पूरा होता है. वहीं भूजल का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. देश में एक बड़े तबके के बीच आय बढ़ने, सेवा और उद्योग क्षेत्र में योगदान के चलते घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी की मांग में काफी बढ़ोतरी हो रही है. इससे 2025 तक भारत में गंभीर जल संकट पैदा हो जाएगा.